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उल्टी-दस्त और सिरदर्द से पीड़ित मरीजों में भी मिल रहा कोरोना वायरस का संक्रमण
July 7, 2020 • जयंती एक्सप्रेस • health & mahila jagat/Fashion

अब उल्टी, दस्त और सिरदर्द से पीड़ित मरीजों में कोरोना वायरस का संक्रमण मिल रहा है। बेहद चौंकाने वाले ऐसे कम से कम 30 मामले हैदराबाद के दो अस्पतालों में सामने आए हैं, जिसका खुलासा एक प्रकाशित रिपोर्ट में हुआ। डॉक्टरों का कहना है कि यह वायरस मौसम के हिसाब से अपने रूप में परिवर्तन कर रहा है। अब तक श्वसन तंत्र से जुड़ी समस्याएं जैसे सांस लेने में तकलीफ, खांसी, तेज बुखार आदि को ही कोरोना का मुख्य लक्षण माना जाता रहा है। ताजा मामलों ने स्थानीय डॉक्टरों समेत देश और विदेश के वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है।   

15 जून के बाद आया लक्षणों में बदलाव- 
डॉक्टरों का कहना है कि 15 जून से पहले अस्पताल में आने वाले कोविड पॉजिटिव मरीजों में जुकाम, बुखार और सांस लेने में तकलीफ के लक्षण ही होते थे। पर 15 जून के बाद चेस्ट हॉस्पिटल और किंग कोटी डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में कई ऐसे मरीज भर्ती हुए हैं, जिनमें सर्दी-जुकाम के बजाय डायरिया, उल्टी और सिरदर्द की शिकायत थी। 20 से 30 जून के बीच यहां आए कुल 62 संक्रमित मरीजों में से 30 मरीजों में नए लक्षण मिले थे। 

वायरस फेफड़ों की जगह पाचन तंत्र पर हमलावर-  
रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर का कहना है कि यह वायरस अब फेफड़ों की जगह शरीर में पाचन तंत्र के मार्ग (गैस्ट्रोइंटेस्टाइन ट्रैक्ट) पर हमला कर रहा है। इससे गंभीर रूप से डायरिया और उल्टी आने लगती हैं जिससे शरीर में पानी की कमी (डीहाइड्रेशन) होती है। इससे शरीर में कमजोरी महसूस होने लगती है, ऑक्सीजन, रक्त स्तर व रक्त में शुगर का स्तर गिरने लगता है। जिससे अचानक मौत भी हो सकती है। संक्रमित मरीजों के फेफड़ों में पहले की तरह धब्बे पाए जा रहे हैं पर साथ में नए लक्षण भी दिखने लगे हैं। कई मरीजों में दो से तीन दिन तक उल्टी की समस्या बनी रहती है।  

बरसात शुरू होते ही जीनोमिक बदलाव-
डॉक्टरों ने पता लगाया है कि यह वायरस अपनी जिनोमिक संरचना को मौसम के हिसाब से बदल रहा है ताकि इंसानी शरीर में वह अपने अस्तित्व व प्रसार को सुनिश्चित कर सके। 

खतरा : मरीज संक्रमण से बेखबर होंगे- 
डॉक्टरों का कहना है कि बरसात में पेट खराब होने पर लोग शायद ही अपनी कोविड जांच कराने के लिए अस्पताल जाएं। अब तक ज्यादातर लोग कोविड के सांस से जुड़े लक्षणों से ही परिचित हैं। ऐसे में ये मरीज दूसरों के संपर्क में आकर आगे संक्रमण फैला सकते हैं। साथ ही अस्पताल आने वाले डायरिया के मरीज में कोविड की जांच कराने की जरूरत को समझना भी चिकित्सकों के लिए चुनौती बनेगा। 

सीडीसी ने बहती नाक, उल्टी-दस्त भी कोरोना का लक्षण बताया-
अमेरिका की संघीय एजेंसी सेंटर फॉर डीसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने कोविड-19 के लक्षणों में उल्टी, दस्त और बहती नाक की स्थिति को भी जोड़ा है। इस तरह कोरोना के मुख्य लक्षणों की कुल संख्या 11 हो गई है। अंतिम बार अप्रैल में सीडीसी ने छह नए लक्षणों को कोरोना वायरस का अहम लक्षण माना था। हालांकि अभी विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इन तीन नए लक्षणों को बतौर कोरोना वायरस लक्षण स्वीकृति नहीं दी है। 

ये हैं कोरोना के लक्षण -
बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, थकावट, मांसपेशियों या शरीर में दर्द, सिरदर्द , स्वाद व गंध महसूस न होना,  गले में खराश, नाक बहना, उल्टी आना और डायरिया।