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फाइबर और ढेर सारे पोषक तत्वों से भरपूर जामुन में हैं बहुत सारे स्वास्थ्यप्रद गुण
June 30, 2020 • जयंती एक्सप्रेस • health & mahila jagat/Fashion

इन दिनों पेड़ों पर काले-काले जामुन जी ललचा रहे हैं। यह फल जितना स्वादिष्ट होता है, उतना ही सेहत के लिहाज से फायदेमंद भी होता है। जामुन खाने से ब्लड शुगर घटता है और इंसुलिन की मात्रा नियंत्रित रहती है। यही कारण है कि डायबिटीज के साथ जी रहे लोगों को जामुन खाने की सलाह दी जाती है। बात अगर इसके गुणों की करें तो जामुन में कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस जैसे पोषक तत्व होते हैं। इसके अलावा विटामिन और फाइबर भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसमें एंटी ऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं।

जामुन के सेवन से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है। यह पाचन तंत्र के लिए भी लाभकारी है। आयुर्वेद के शास्त्रों में जामुन के कई गुणों का विश्लेषण किया गया है। इसके पत्ते, फल, छिलका और गुठलियां कई प्रकार के रोगों में इस्तेमाल की जाती हैं। आइए जानते हैं कि जामुन आपके स्वास्‍थ्‍य के लिए कितना फायदेमंद है।

जामुन खाने के सेहत से जुड़े हैं ये फायदे :

  • जामुन के सेवन से लिवर की बीमारी दूर होती है
  • मुंह में छाले होने पर जामुन के रस का प्रयोग करने से बहुत जल्दी आराम मिलता है
  • दस्त होने पर जामुन के रस को सेंधा नमक के साथ मिलाकर खाने से दस्त बंद हो जाते हैं
  • जामुन पाचनशक्ति बढ़ाता है और इससे एसिडिटी समेत पेट से संबंधित विकार कम होते हैं
  • जामुन में कैंसर रोधी गुण भी पाए जाते हैं। कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी के बाद जामुन खाना फायदेमंद होता है
  • जामुन खाने से पथरी की समस्या से निजात मिलती है। इसके लिए जामुन की गुठली के चूर्ण को दही के साथ मिलाकर खाना चाहिए

रक्तचाप को कम करता है : ब्‍लड शुगर यानी रक्‍त शर्करा को कम करने के साथ जामुन के बीज रक्तचाप यानी ब्‍लड प्रेशर को भी कम करने में मदद करते हैं।

मधुमेह को नियंत्रित करें : मधुमेह के उपचार के लिए जामुन बहुत ही फायदेमंद माना जाता है। मधुमेह के रोगी जामुन की गुठलियों को सुखाकर, पीसकर उनका सेवन करें। इससे शुगर का स्तर सामान्य रहता है। हालांकि जामुन में ग्लूकोज और फ्रक्टोज पाया जाता है, मगर फाइबर होने के कारण यह बहुत धीरे-धीरे खून में घुलता है, इसलिए डायबिटीज के मरीज चिकित्सक से सलाह लेकर इसे खा सकते हैं।

पेट की समस्याएं : न केवल प्रतिरक्षा प्रणाली और अग्नाशय प्रणाली, बल्कि जामुन के बीज भी पाचन तंत्र को सही करने और पेट की आम समस्याओं के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बीज के अर्क का उपयोग आंत और जननांग पथ के घावों और अल्सर के इलाज के लिए किया जाता है

मुंहासे के लिए फायदेमंद : मुंहासे होने पर जामुन की गुठलियों को सुखाकर इसके पाउडर को गाय के दूध में मिलाकर सोने से पहले चेहरे पर लगाएं और सुबह ठंडे पानी से धो लें। तीन से चार सप्ताह तक इस लेप के प्रयोग से मुंहासे गायब हो जाते हैं। आवाज को मधुर बनाने के लिए भी जामुन का काढ़ा बहुत फायदेमंद होता है। जामुन की छाल को बारीक पीसकर नियमित मंजन करने से दांत मजबूत और रोग रहित होते हैं।