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मुंबई के आस-पास कल तबाही मचा सकता है चक्रवात 'निसर्ग'
June 3, 2020 • जयंती एक्सप्रेस • National/Others

नई दिल्ली । मंगलवार को अरब सागर में हवा के दबाव में परिवर्तन होने से बने चक्रवात 'निसर्ग' ने खतरनाक रूप ले लिया है। बुधवार को यह मुंबई से करीब 94 किमी की दूरी पर स्थित अलीबाग में जमीन से टकराएगा। इस समुद्री तूफान से बड़े पैमाने पर तबाही की आशंका है। महाराष्ट्र, गुजरात, केंद्र शासित दमन व दीयू और दादर नगर हवेली में लोगों की सुरक्षा के लिए तगड़े प्रबंध किए गए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी निसर्ग को लेकर की गई तैयारियों की समीक्षा। उन्होंने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत कर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि मुंबई में इस तरह का तूफान आने का यह पहला मौका है।भारतीय मौसम विज्ञान विभाग में समुद्री तूफान विषय की प्रभारी डा. सुनीता देवी ने बताया कि मंगलवार की दोपहर चक्रवात निसर्ग का केंद्र गोवा के पंजिम शहर से दक्षिण पश्चिम 280 किमी और मुंबई से 430 दक्षिण पश्चिम अरब सागर में था। यह अगले 12 घंटों में और विकराल रूप धर लेगा।

उनके अनुसार बुधवार तीन जून को निसर्ग उत्तर महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के बीच हरिहरेश्वर व दमन के निकट अलीबाग में जमीन से टकराएगा। उस समय हवाओं की रफ्तार 110 से 120 किमी तक हो सकती है। इस दौरान बड़े इलाके में तेज बारिश भी हो सकती है। मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने सोमवार को बताया था कि इस तूफान से गुजरात से ज्यादा महाराष्ट्र के जिले प्रभावित होंगे। महाराष्ट्र के तटीय इलाकों के मुंबई, थाणे और रायगढ़ में इसका ज्यादा असर देखने को मिलेगा। समुद्र में सामान्य ज्वर की अपेक्षा एक से दो मीटर अधिक ऊंचाई का ज्वर आएगा।

कई निचले इलाके जलमग्न हो जाएंगे। मछुआरों को समुद्र में जाने से रोक दिया गया है। एनडीआरएफ की 34 टीमें तैनात की गई हैं। बल के महानिदेशक एसएन प्रधान ने बताया कि गुजरात में 16 टीमें, महाराष्ट्र में 15 टीमें, दमन और दीयू में दो और दादर व नगर हवेली में एक टीम तैनात की गई है। तटीय क्षेत्र से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।

इंडियन इंस्टीट्यूट आफ ट्रॉपिकल मेटिरियोलॉजी की मौसम विज्ञानी रॉक्सी मैथ्यू कोल ने बताया कि चक्रवात निसर्ग तीन जून को मुंबई में कहर बरपाने वाला है। अगर ऐसा होता है तो इतिहास में यह पहला मौका होगा जब जून के महीने में महाराष्ट्र के तट पर कोई तूफान टकराएगा। वहीं इसी संस्थान के दूसरे शोधकर्ता विनीत कुमार इस तरह का तूफान आने को दूसरा मौका मान रहे हैं। उनके अनुसार इस तरह का तूफान मई 1961 में आ चुका है।

पीएम मोदी ने हालात का जायजा लिया

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हालात का जायजा लिया। उन्होंने ट्वीट करके कहा कि भारत के पश्चिमी तट के कुछ हिस्सों में चक्रवात की स्थिति के मद्देनजर हालात का जायजा लिया। मैं सभी की कुशलता के लिए प्रार्थना करता हूं। लोगों से हर संभव सावधानी और सुरक्षा उपाय बरतने का आग्रह भी करता हूं।

महाराष्ट्र-गुजरात: गांव खाली करा रहे, मछुआरों को वापस लौटने की अपील

 एनडीआरएफ और गुजरात पुलिस नवसारी जिले के मेंढर और भाट गांवों से लोगों को निकाल रही है।

- गुजरात में तटीय रक्षक मछुआरों को अलर्ट कर बंदरगाह पर वापस लौटने की अपील कर रहे हैं।

-- महाराष्ट्र के मुंबई शहर, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है।

- लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है।

-- मुंबई में सभी मछुआरे अपनी नावों को लेकर वापस किनारों पर लौट रहे हैं।

दोनों राज्यों में एनडीआरएफ की टीमें तैनात

एनडीआरएफ के महानिदेशक एसएन प्रधान ने बताया कि दोनों राज्यों में एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं। 10 टीमें महाराष्ट्र में और 11 टीमें गुजरात में हैं। हालांकि, गुजरात ने पांच और टीमों की मांग की है। इसलिए हम उन्हें पंजाब से एयरलिफ्ट कर रहे हैं। वे जल्द ही गुजरात पहुंच जाएंगे। गुजरात में कुल 16 टीमें और महाराष्ट्र में 10 टीमें होंगी। महाराष्ट्र में 6 और गुजरात में दो टीमें स्टैंडबाय पर हैं।

बुधवार को इसका ज्यादा असर दिखाई देगा

आइएमडी के अनुसार, बुधवार को चक्रवात का ज्यादा असर दिखाई देगा। इस दौरान 100-125 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। कुछ इलाकों में भारी और अत्यधिक वषर्षा की चेतावनी दी गई है। हालांकि, यह 'एम्फन' से कम खतरनाक होगा।

बदलने जा रहा है मुंबई का इतिहास

लेकिन इस बार चक्रवाती तूफान ‘निसर्ग’ से मुंबई में भारी तबाही होने की संभावना जताई गई है। जैसे ही ‘निसर्ग’ तूफान मुंबई के समुद्री तट से टकराएगा, वैसे ही मुंबई का इतिहास भी बदल जाएगा। अरब सागर में चक्रवाती तूफान के हालात बन रहे हैं। 

समुद्री तटों पर बाढ़ का खतरा

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, 3 जून को चक्रवात तूफान निसर्ग मुंबई से उत्तर की ओर करीब 110 किमी की दूरी पर सक्रिय होगा। जिस वजह से मेट्रोपॉलिटन शहर मुंबई समेत महाराष्ट्र के तमाम समुद्री तटों पर बाढ़ का खतरा रहेगा। चक्रवाती तूफान में तब्दील होने पर हवा की गति 105 से 115 किमी प्रति घंटा हो सकती है। 

मुंबई और उसके आसपास के जिलों में अलर्ट जारी

चक्रवाती तूफान निसर्ग को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई और उसके आसपास के जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है। साथ ही एनडीआरएफ की टीमों की तैनाती भी की है। जिन जिलों में तूफान को लेकर रेड अलर्ट जारी है, उसमें मुंबई शहर, मुंबई उपनगरीय जिले, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग के नाम शामिल हैं।

निसर्ग तूफान के चलते भारी बारिश की चेतावनी

भारतीय मौसम विभाग ने बुधवार को मुंबई समेत ठाणे, पालघर और रायगढ़ के तटीय इलाकों में निसर्ग तूफान के चलते भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा केंद्रीय जल आयोग ने आशंका जताई है कि सिंधदुर्ग, रत्नागिरी, पालघर, ठाणे, मुंबई और नासिक में भारी बाढ़ आ सकता है। साथ ही ये भी कहा गया है कि उत्तरी महाराष्ट्र और दक्षिणी गुजरात के तटीय इलाकों में तेज और ऊंची लहरें उठ सकती हैं। 

मुंबई में क्यों रहा है कम खतरा?

अरब सागर में चक्रवाती तूफान के हालात बनने पर मुंबई को हमेशा कम खतरा इसलिए रहा है क्योंकि क्योंकि अरब सागर की हवाओं की गति अधिकतर पश्चिम की तरफ रही है। अक्सर ऐसा ही होता आया है कि हर साल अरब सागर में बनने वाले एक या दो चक्रवातों का रुख या तो ओमान और एडन खाड़ी की तरफ रहा है या फिर गुजरात की तरफ।

समुद्री तट के करीब ना जाने के निर्देश

वहीं तूफान की गंभीरता को देखते हुए मछुआरों को समुद्री तट के करीब ना जाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मछली आखेट करने के लिए निकलीं करीब 15 हजार नावों को वापस लाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके साथ ही चक्रवात की रफ्तार और दिशा पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

गुजरात में भी जारी किया गया अलर्ट

इसके अलावा इसे लेकर गुजरात समेत महाराष्ट्र, गोवा, दमन-दीव और दादरा नगर हवेली में अलर्ट जारी कर दिया गया है। वहीं राज्य सरकारों ने इससे बचने के लिए निचले स्थानों पर रहने वालों को निकालने के आदेश दिए है। निसर्ग तूफ़ान के खतरे से निपटने के लिए इन सभी राज्यों में नेशनल डिजास्टर रेस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की कुल 23 टीमें लगाई गयी हैं। वहीं ऐसे आधा दर्जन से ज्यादा जिले हैं, जहां तूफ़ान का प्रभाव ज्यादा देखने को मिलेगा। ऐसे में इन जिलों में NDRF की 10 टीमें तैनात की गई हैं।