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कोविड-19 रोगियों में नजर आए दो नए न्यूरोलॉजिकल लक्षण
June 9, 2020 • जयंती एक्सप्रेस • health & mahila jagat/Fashion

दुनियाभर को हिला देने वाली कोविड-19 महामारी में नए-नए लक्षणों का खुलासा हो रहा हैं। अब शोधकर्ताओं ने दो नए न्यूरोलॉजिक लक्षण पाए हैं। ये दो लक्षण 'बदली हुई मानसिक स्थिति' और 'इस्केमिक स्ट्रोक' हैं। कोविड-19 के कुछ रोगियों में ये लक्षण पाए गए हैं। इटली के तीन विश्वविद्यालयों के मरीजों के रिकॉर्ड का विश्लेषण करने के बाद शोधकर्ताओं ने पाया कि कुल कोविड-19 रोगियों में से लगभग 15 प्रतिशत ने न्यूरोलॉजिकल लक्षणों का अनुभव किया। उन रोगियों के सीटी स्कैन से पता चला कि उनमें से 59 प्रतिशत में 'बदली हुई मानसिक स्थिति' रही, जिसमें भ्रम, बेसुधी और कोमा में जाना शामिल थे। इसमें बाकी 31 प्रतिशत में 'इस्केमिक स्ट्रोक' था।
 
एम्स के डॉ. नबी दरया वली का कहना है कि इस्केमिक स्ट्रोक तब होता है जब रक्त का एक थक्का मस्तिष्क में खून के प्रवाह और आपूर्ति को रोकता है। खून का यह थक्का अक्सर एथेरोस्क्लेरोसिस के कारण होता है। इस स्थिति में रक्त वाहिकाओं की अंदरूनी परत पर फैट और वसा जम जाते हैं। इन फैटी व वसायुक्त जमावों का एक हिस्सा मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को रोक सकता है। यह स्थिति दिल के दौरे के समान है, जहां रक्त के थक्के हृदय के हिस्सों में रक्त के प्रवाह को रोकते हैं।
 
मेडिकल जर्नल बीएमजे में छपे एक अध्ययन के मुताबिक, चीन में कुल कोविड-19 पॉजिटिव रोगियों में से 25 प्रतिशत को सेंट्रल नर्वस सिस्टम से संबंधित बीमारियां दिखाई दीं। उनमें सिरदर्द, चक्कर आना, दौरे आना, मांसपेशियों में असंयमित हलचल और स्ट्रोक शामिल हैं।
 
सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेन्शन (सीडीसी) के अनुसार, भ्रम और जागने या जागे रहने में असमर्थता का अनुभव करने वाले लोग वे हैं, जिन्हें इमर्जेंसी मेडिकल केयर की आवश्यकता होगी।
 
वहीं अमेरिका के येल स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण के न्यूरोलॉजिकल लक्षणों की ज्यादा जानकारी नहीं है। साइंस जर्नल अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, वायरस से जुड़े पहले से मौजूद मैकेनिज्म को आधार बनाकर कोविड-19 संक्रमण का कारण बनने वाले वायरस के न्यूरोलॉजिकल लक्षणों का पता लगाया गया। सेंट्रल नर्वस सिस्टम में वायरस किस रास्ते पहुंचता है और उसका टारगेट टिश्यू क्या है, इसकी वैज्ञानिकों ने पहचान की।
 
न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक अन्य अध्ययन में भी कहा गया कि कुछ संक्रमित मरीजों में भ्रम की शिकायत देखी गई है। इस वायरस से मस्तिष्क क्षतिग्रस्त होने का भी खतरा रहता है और यह वायरस कई अलग-अलग रास्तों से सेंट्रल नर्वस सिस्टम तक पहुंच सकता है। इसमें संक्रमित न्यूरॉन और नाक व दिमाग से जुड़ी नर्व शामिल हैं। इसलिए मरीज की सूंघने की क्षमता प्रभावित हो जाती है।
 
एम्स के डॉ. अजय मोहन का कहना है कि ये वायरस मुख्य रूप से निचले श्वसन तंत्र में संक्रमण, छाती में संक्रमण, ब्रोंकाइटिस या निमोनिया जैसे लक्षण पैदा करते हैं। कोरोना वायरस के सामान्य लक्षणों में हल्का बुखार, खांसी, छींक आना, गले में खराश होना, कमजोरी महसूस होना, बदन दर्द होना शामिल हैं। इसके लक्षण बदल रहे हैं और यही कारण है कि इसका इलाज खोलने में भी परेशानी आ रही है।