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घर-घर मेडिकल स्क्रीनिंग में संदिग्ध लक्षणों वालों की जांच कराएं : सीएम योगी
July 11, 2020 • जयंती एक्सप्रेस • Lucknow/UP News

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि घर-घर मेडिकल स्क्रीनिंग में संदिग्ध लक्षण वालों के सैंपल लेकर जांच कराएं और अस्वस्थ पाए जाने पर समुचित उपचार की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन 52 जांच की व्यवस्था की जाए। इसमें आरटीपीसीआर से 30 हजार, रैपिड एंटीजन टेस्ट से 20 हजार टेस्ट और ट्रूनैट मशीन से 2 हजार रोजाना जांच की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए औद्योगिक इकाइयां चलवाई जाएं।

सुरक्षित रहकर कोविड-19 से बचें
मुख्यमंत्री ने शनिवार को अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा में कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए सुरक्षित रहना ही इसका उपचार है। इसलिए मास्क का उपयोग और सोशल डिस्टेंसिंग अत्यंत महत्वपूर्ण है। लोगों को कोविड-19 से बचाव के बारे में निरंतर जागरूक करने के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम, पोस्टर-बैनर के साथ-साथ प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का सहारा लिया जाए। कोविड चिकित्सालयों में बेड की संख्या बढ़ाई जाए और बिना लक्षण वाले कोविड संक्रमितों को एल-1 कोविड अस्पतालों में भर्ती कराया जाए।

कानपुर, झांसी, व मथुरा में विशेष सवधानी बरतें
उन्होंने कहा कि कानपुर नगर, झांसी व मथुरा में विशेष सवधानी की जरूरत है। झांसी में विशेष सचिव स्तर के नोडल अधिकारी व स्वास्थ्य विभाग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी संक्रमण को नियंत्रित करने की प्रभावी रणनीति तैयार करें। संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए ट्रेन व हवाई जहाज से आने वाले यात्रियों की मेडिकल स्क्रीनिंग की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पुलिस व पीएसी कार्मिकों को संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए सभी जरूरी उपाय किए जाएं।

स्वच्छता को जीवनचर्या का अंग बनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता को जीवनचर्या का अंग बनाएं। साफ-सफाई अनेक बीमारियों से सुरक्षित रखती है। स्वच्छता के कामों में जनसहभागिता की बड़ी भूमिका है। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में सैनिटाइजेशन, फॉगिंग व स्वच्छता की प्रभावी कार्यवाही की जाए। कहीं जल भराव न होने पाए और शुद्ध पेयजल के लिए पाइप पेयजल योजनाओं का प्रभावी क्रियांवयन किया जाए। पीने के पानी में क्लोरीन की टैबलेट आदि का उपयोग किया जाए। ग्राम पंचायतों में तेजी से सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराएं। प्रत्येक ग्राम पंचायत में सॉलिड वेस्ट के लिए खाद का गड्ढा अनिवार्य रूप से तैयार कराएं। इससे जहां गांव में सफाई रहेगी, वहीं किसानों को जैविक खाद भी मिलेगी। उन्होंने टिड्डी दल पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करें कि किसानों को कोई हानि न हो।