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बारिश के साथ बढ़ेगा कोरोना का खतरा, ऐसे करना होगा बचाव
June 18, 2020 • जयंती एक्सप्रेस • health & mahila jagat/Fashion

मानसून आ चुका है और कई शोधों में वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि नमी से कोरोना वायरस के संक्रमण बढ़ने की आशंका है। खासकर, जिन महानगरों में मरीजों की संख्या ज्यादा है, वहां ज्यादा सतर्कता की जरूरत है। मानसून में इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है, इसलिए भी इस मौसम में ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। इसे देखते हुए हम विशेषज्ञों की जुबानी बता रहे हैं कि मानसून में हमें कैसे कोरोना वायरस से बचाव की रणनीति बनानी चाहिए-

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर राजेश गौतम ने कहा कि यह नया वायरस है इसलिए मानसून और इस वायरस के बीच क्या संबंध है, यह जानने के लिए शोध किए जा रहे हैं। पर आपको याद रखना है कि बचाव ही सर्वश्रेष्ठ नीति है। साबुन और पानी से हाथ धोते रहें और फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करें। वहीं छाते का इस्तेमाल करें। यह फिजिकल डिस्टेंसिंग में मदद करेगा।

इटावा के पूर्व मेडिकल ऑफिसर डॉ अंकुर चक्रवर्ती ने बताया कि मानसून के दौरान हमें अनावश्यक रूप से भीगने से बचना चाहिए। यदि किसी को सर्दी-जुकाम है, तो उससे दो गज की दूरी बनाए रखें। वहीं मास्क को नियमित रूप से बदलें, क्योंकि बारिश में वायरस और बैक्टीरिया जल्दी पनपते हैं। इसके अलावा भी कई सावधानियां जरूरी हैं। जैसे-

1. हाईजीन

मानसून के मौसम में हाईजीन बरकरार रखें। खाने से पहले हाथ जरूर धोएं। जब भी छींक या खांसी आए, तुरंत वाशरूम जाकर हाथ धोएं।

2. श्वसन तंत्र मजबूत करें

ज्यादातर लोग इस वक्त घर में रह रहे हैं। इसलिए घर के वातावरण का जीवाणु रहित होना जरूरी है। इंडोर एयर क्वालिटी यानी आईएक्यू को बढ़िया बनाकर रखें। घर में कहीं भी फंगस या काई न जमने दें। इससे नमी बढ़ती है, जिससे संक्रमण की आशंका बढ़ती है। डॉ राजेश गौतम के मुताबिक बारिश के चलते गलियों और हवा में मौजूद धूल कम हो जाती है। इससे प्रदूषण कम होता है और इससे श्वसन संबंधित बीमारी से पीड़ित लोगों को फायदा मिलता है। पर खराब ड्रेनेज के चलते मच्छर और बीमारियां बढ़ जाती हैं। इससे कोशिश करें कि घर के आसपास बारिश का पानी न जमा होने पाए।

3. सतह पर नमी न होने दें

घर की किसी भी सतह को नम न होने दें, क्योंकि इससे घर की हवा की गुणवत्ता खराब होती है। मानसून में घर के फर्नीचर और सामान पर नमी बढ़ने से रासायनिक और जैविक क्रियाएं होती हैं। इससे घर के भीतर हवा प्रदूषित होती है। घर में चेक करें कि कहीं पानी का रिसाव तो नहीं हो रहा है, क्योंकि इससे जीवाणु पनपते हैं। एयर कंडिशन के फिल्टर को भी लगातार साफ करते रहें। वहीं, जूते और लेदर के बैग को भी बचाना चाहिए, क्योंकि इन पर भी फंगस पनपते हैं। यह भी ध्यान दें कि घर की कालीन, पर्दे और कपड़े ठीक से सूखे हों। खुद भी हमेशा सूखे और साफ कपड़े पहनें। स्मोकिंग भी न करें।

4. घर में हो पर्याप्त वेंटिलेशन

मानसून के समय घर में पर्याप्त धूप आनी चाहिए। वहीं, खिड़कियां खुली होनी चाहिए, जिनसे घर के भीतर शुद्ध हवा आती रहे।

5. घर का खाना खाएं

मानसून के दौरान ऐसा खाना चाहिए, जो आपकी इम्युनिटी को बढ़ाए। बरसात के दिनों में बाहर का खाना न खाएं, क्योंकि थोड़े से अनहाईजीन वातावरण में वायरस पनपने लगते हैं। विशेषज्ञ कटे हुए फल और सब्जी न खाने की सलाह देते हैं। वहीं, फल और सब्जी धोने के बाद ही पकाएं।

6. क्या खाना और क्या पीना है

-खाने में सरसों का तेल, मूंगफली का तेल, नारियल का तेल, सोयाबीन का तेल का इस्तेमाल करें। रिफाइंड आयल और वनस्पति घी का प्रयोग न करें। वहीं विटामिन सी की आपूर्ति के लिए अपने आहार में आम, लीची, पपीता, शिमला मिर्च, आंवले का अचार या मुरब्बा आदि का प्रयोग अवश्य करें। अपनी डायट में ताजे फलों को अधिक से अधिक मात्रा में शामिल करें। डॉ अंकुर चक्रवर्ती के मुताबिक, आयुर्वेदिक काढ़ा, तुलसी, अदरक की चाय या प्रतिदिन 10 ग्राम च्यवनप्राश का सेवन करें।

7. पानी पीते रहें

शरीर को हाईड्रेड करते रहें। इससे शरीर को हमेशा फायदा होगा। पानी पीने से आप सेहतमंद महसूस करेंगे और बीमारी से भी बचाव होगा। यह भी ध्यान रखें कि आप जो पानी पी रहे हैं, वह साफ और स्वच्छ हो। साथ ही अदरक, लहसुन, शहद, काली मिर्च, दालचीनी, मुलेठी, बड़ी इलायची, लौंग, पीपली, गिलोय आदि का गुनगुना पानी पिएं।

8. नींद

इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए पूरी नींद लेना जरूरी है। छह घंटे से कम सोने से आप थकान महसूस करेंगे।