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अमेरिका में हालात बेकाबू, बंकर की शरण में ट्रंप; वाशिंगटन डीसी समेत देश के 40 शहरों में कर्फ्यू
June 2, 2020 • जयंती एक्सप्रेस • international

वाशिंगटन । पुलिस हिरासत में अश्वेत व्यक्ति जार्ज फ्लॉयड की मौत के पांचवें दिन अमेरिका में हालात बेकाबू हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों द्वारा की जा रही हिंसा और तोड़फोड़ को देखते हुए वाशिंगटन डीसी समेत देश के 40 शहरों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। वर्जीनिया में आपातकाल के साथ ही कैलिफोर्निया में सोमवार तक सभी सरकारी इमारतों को बंद रखने का आदेश दिया गया है।

स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए 15 शहरों में पांच हजार नेशनल गार्ड के जवान तैनात हैं। दो हजार अतिरिक्त जवानों को अलर्ट पर रखा गया है। उधर, शुक्रवार रात व्हाइट के बाहर प्रदर्शनकारियों के जमा होने पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कुछ समय के लिए एक भूमिगत बंकर में ले जाया गया था। राष्ट्रपति ट्रंप ने बंकर में लगभग एक घंटा बिताया और उसके बाद उन्हें ऊपर लाया गया। अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप और उनके बेटे बैरन को भी बंकर में ले जाया गया था।

अश्वेत जार्ज फ्लॉयड की मौत के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के समर्थन में समूचा हॉलीवुड आ गया है। प्रमुख हॉलीवुड स्टूडियो डिज्नी, वार्नर ब्रदर्स, पैरामाउंट, नेटफ्लिक्स, अमेजन और द एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर्स ने अश्वेत समुदाय के समर्थन में एक बयान जारी किया है। डिज्नी ने एक बयान में कहा,'हम नस्लवाद के खिलाफ हैं। हम समावेशी विकास का समर्थन करते हैं। हम अपने अश्वेत कर्मचारियों, रचनाकारों और पूरे अश्वेत समुदाय के साथ खड़े हैं। हमें इस समय एकजुट होना चाहिए और नस्लवाद के खिलाफ बोलना चाहिए।' द एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर्स ने कहा कि जार्ज फ्लॉयड की मौत किसी को भी स्वीकार्य नहीं है। हम अपने अश्वेत सहकर्मियों के साथ हैं। वार्नर ब्रदर्स ने एक ट्वीट में कहा, 'हम अपने अश्वेत सहयोगियों और प्रशंसकों के साथ खड़े हैं। आपकी आवाज मायने रखती है।' अमेजन ने कहा कि अमेरिका में अश्वेत लोगों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों को रोकने की जरूरत है। 

पिचई बोले, नस्ली समानता का समर्थन करता है गूगल

गूगल ने रविवार को नस्ली समानता का समर्थन करते हुए अपने वेबसाइट के होमपेज पर एक संदेश प्रकाशित किया। कंपनी के सीईओ सुंदर पिचई ने एक ट्वीट में कहा, 'आज यूएस गूगल और यूट्यूब अपने होमपेज पर जार्ज फ्लॉयड, ब्रेओना टेलर, अहमद अरबरी की याद में और नस्ली समानता के पक्ष में एकजुटता प्रदर्शित करता है। इस तरह की घटनाओं से दुखी, क्रोधित और भय महसूस करने वालों को हम यह भरोसा देते हैं कि वह अकेले नहीं हैं।' इस संदेश के साथ ही पिचई ने गूगल होमपेज की एक तस्वीर भी शेयर की है। होमपेज के नीचे एक ब्लैक रिबन है और उसके बराबर में लिखा है, 'हम नस्ली समानता का समर्थन करते हैं।' यूट्यूब ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल के आइकन के रंग को लाल से काला कर दिया है। 

अमेरिकी पुलिस में नस्लवाद से इन्कार

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार राबर्ट ओ ब्रायन ने इस बात से इन्कार किया है कि अमेरिकी पुलिस में नस्लवाद जड़ों तक घुसा हुआ है। उन्होंने कहा कि 99.99 फीसद अधिकारी पूर्ण रूप से अमेरिकी है। इनमें से कई अफ्रीकी और एशियाई भी हैं। हालांकि कुछ बुरे लोगों के चलते पुलिस पर ऐसे आरोप लगते रहते हैं। 

फ्लॉयड के वकील ने कहा, मामला फ‌र्स्ट डिग्री हत्या से जुड़ा

गिरफ्तार श्वेत पुलिस अधिकारी डेरेक चाउविन पर थर्ड डिग्री हत्या का आरोप लगाया गया है, लेकिन फ्लॉयड के वकील बेंजामिन क्रंप ने सीबीएस न्यूज से बात करते हुए कहा कि यह मामला फ‌र्स्ट डिग्री हत्या से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रथमदृष्टया चाउविन का इरादा फ्लॉयड को मौत के घाट ही उतारना ही था। इसी इरादे से उसने नौ मिनट तक उसके गले को दबाए रखा है। 

मिनीपोलिस में प्रदर्शनकारियों के बीच घुसा ट्रक

रविवार को मिनीपोलिस के हाईवे पर प्रदर्शन कर रहे लोगों के एक ट्रक घुस गया। बाद में प्रदर्शनकारियों ने चालक को पकड़कर बुरी तरह पीट दिया। किसी प्रदर्शनकारी के घायल होने की खबर नहीं है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है। ट्रक ओहियो की ट्रांसपोर्ट कंपनी का था। 

हिंसा के पीछे माना जा रहा चरमपंथी संगठनों का हाथ

अमेरिकी अधिकारी इस बात का पता लगाने में जुट गए हैं कि कहीं हिंसक प्रदर्शनों के बीच चरमपंथी संगठन तो शामिल नहीं हैं। साथ ही वह सोशल मीडिया के माध्यम से फैलाई जा रही झूठी सूचनाओं पर भी नजर रख रहे हैं। दरअसल, पहले जब प्रदर्शन शुरू हुए तो यह शांतिपूर्ण थे, लेकिन अचानक ही यह हिंसक हो गए। शुरुआत में यह कहा गया है कि इसमें वामपंथी संगठनों का हाथ है, लेकिन अब विशेषज्ञ इस बात का भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि कहीं इन प्रदर्शनों के बीच चरमपंथी संगठन तो नहीं हैं। वहीं पिछले दिनों सोशल मीडिया तो 200 से कम यूजर वाले ग्रुप में हुई अप्रत्याशित वृद्धि पर भी पुलिस की नजर है।