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अगर आपके बच्चे भी देर रात तक Mobile Phone में रहते हैं बिजी, तो पढ़ लें यह खबर
July 15, 2020 • जयंती एक्सप्रेस • health & mahila jagat/Fashion

यदि आप उन किशोरों में शामिल हैं, जो रात में समय से नींद के आगोश में जाने की बजाय देर रात तक मोबाइल के स्क्रीन पर आंखें गड़ाए रहते हैं तो आपको थोड़ा सा सचेत होने की जरूरत है। हाल ही में हुए शोध-अध्ययनों से पता चला है कि जो किशोर बच्चे देर रात तक मोबाइल पर व्यस्त रहते हैं, आगे चलकर उन्हें कई प्रकार की शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

कनाडाई शोधकर्ताओं का कहना है कि हमने इस शोध-अध्ययन के लिए एक हजार से अधिक किशोरों से बातचीत की। इससे पता चला कि जो किशोर देर रात तक मोबाइल में नजर टिकाए रहते हैं उन्हें कई प्रकार की शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। शोध-अध्ययन से पता चला है कि मोबाइल में व्यस्त रहने के कारण देर रात तक जगने वाले और सुबह देर तक सोने वाल किशोरों को न केवल आंखों और पाचनसंबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, बल्कि ऐसे किशोर मानसिक रूप से भी पीडि़त रहने लगते हैं।

कनाडाई वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि किशोर उम्र के बच्चे यह चाहते हैं कि उनका स्वास्थ्य सही रहे और आगे चलकर किसी गंभीर शारीरिक समस्या का सामना न करना पड़े तो उन्हें न केवल समय से सोने की आदत डालनी चाहिए, बल्कि सोने से कम से कम दो-तीन घंटे पहले रात का भोजन भी कर लेना चाहिए।

अध्ययनों से पता चला है कि देर रात तक जगने वाले किशोरों की बॉडी क्लॉक बहुत अधिक बाधित होती है अर्थात उनके शरीर के समस्त अंग सही तरह से अपना काम नहीं कर पाते हैं। इस कारण से किशोरों का इम्यून सिस्टम भी कमजोर हो जाता है। नतीजतन उनके विभिन्न प्रकार की शारीरिक समस्याओं से ग्रसित होने की आशंका काफी हद तक बढ़ जाती है। यही नहीं मोबाइल, टैबलेट, आईपैड आदि से निकलने वाली नीली रोशनी न केवल आंखों की नमी को कम करती है, बल्कि यह दिमाग के कुछ हिस्सों पर भी विपरीत प्रभाव डालती है। इसलिए यह जरूरी है कि देर रात तक जगने की बजाय समय से बिस्तर पर जाएं और अपने को स्वस्थ व प्रसन्न रखें।