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अब प्रोस्टेट कैंसर का पता लगाने के लिए बायोप्सी नहीं होगी, जांच का आया आसान तरीका
August 1, 2020 • जयंती एक्सप्रेस • health & mahila jagat/Fashion

प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में होने वाली खतरनाक बीमारी है। किसी व्यक्ति में प्रोस्टेट कैंसर है या नहीं, इसका पता लगाने के लिए बायोप्सी ही एक मात्र तरीका है। बायोप्सी पूरी तरह से एक सर्जिकल प्रोसेस है जिसमें मरीज को बहुत कष्ट होता है। जितनी परेशानियां ऑपरेशन में होती है, उतनी परेशानियां बायोप्सी में भी होती है। यह पूरे एक दिन की प्रक्रिया है जिसमें मरीज को अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। इससे भी बुरी बात यह है कि कई लोगों को प्रोस्टेट कैंसर नहीं होते हैं लेकिन सिर्फ आशंका के आधार पर उन्हें बायोप्सी करानी पड़ती है। इस कठिन जांच से अब जल्द ही छुटकारा मिल सकता है, क्योंकि वैज्ञानिकों ने ब्लड टेस्ट का ऐसा आसाना तरीका निकाला है जिसके माध्यम से यह पता लगाया जा सकता है कि मरीज को प्रोस्टेट कैंसर है कि नहीं।

इतना ही नहीं इस टेस्ट से यह भी पता लगाया जा सकता है कि प्रोस्टेट कैंसर किस स्टेज में है। वैज्ञानिकों का दावा है कि यह टेस्ट 99 प्रतिशत तक सटीकता की गारंटी देता है। यह तरीका ब्रिटेन के नॉटिंघम ट्रेंट यूनिवर्सिटी एंड क्लिनिशियन के वैज्ञानिकों ने ईजाद किया है। उन्हें प्रोस्टेट कैंसर का पता लगाने के लिए खतरनाक बायोप्सी जैसी दुरुह प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ये असाइनमेंट दिया गया था।

पहले के अध्ययनों को आधार बनाकर वैज्ञानिकों ने जब अपनी रिसर्च को आगे बढ़ाया तो पाया कि प्रोस्टेट कैंसर के मरीजों का इम्युन सिस्टम तेजी से बदल जाता है। इसे मरीज के खून से पहचाना जा सकता है। इस कैंसर के लिए संकेत को मुख्यतया श्वेत रक्त कोशिका (डब्ल्यूबीसी) से पहचाना जा सकता है। क्योंकि कैंसर होने की परिस्थिति में श्वेत रक्त कोशिका के आकार में भारी बदलाव आता है। ऐसे मरीजों के शरीर से खून निकालकर उसका कंप्यूटर एनालिसिस किया जाता है। इसमें देखा जाता है कि बीमारी के लक्षण हैं या नहीं। इसके अलावा इसमें यह भी देखा जाता है कि बीमारी का स्तर किस प्रकार का है जैसे लो, इंटरमीडिएट या हाई रिस्क का है।

शोधकर्ताओं के मुताबिक यह तरीका 99 प्रतिशत तक सटीक है। यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर प्रोफेसर ग्राहम पोकली ने बताया कि जब भी किसी मरीज में यह संदेह हो कि उसे प्रोस्टेट कैंसर है तब बहुत आसानी से इस ब्लड टेस्ट को इमरजेंसी में किया जा सकता है। इसमें कोई जटिलताएं नहीं हैं। आने वाले समय में यह बहुत उपयोगी साबित हो सकता है।