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आत्मनिर्भर भारत में प्रमुख भूमिका निभाएगा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: पीएम मोदी
August 10, 2020 • जयंती एक्सप्रेस • National/Others

नई दिल्ली I चेन्नई और पोर्ट ब्लेयर के बीच समुद्र के भीतर बिछायी गई केबल संपर्क सुविधा (ओएफसी) के उद्घाटन से एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इससे अंडमान निकोबार द्वीपसमूह को डिजिटल माध्यम से देश और दुनिया से जुड़ने में अब कोई समस्या नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि यह द्वीपसमूह आत्मनिर्भर भारत में प्रमुख भूमिका निभाएगा। केंद्र शासित प्रदेश के विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से उठाए गए विभिन्न कदमों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि नए भारत के निर्माण के लिए पूरे देश का संतुलित विकास आवश्यक है और इसी को ध्यान में रखकर उनकी सरकार काम कर रही है।

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के भाजपा कार्यकर्ताओं से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संवाद करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि यह द्वीपसमूह आत्मनिर्भर भारत और नये भारत के विकास और उसकी सुरक्षा में प्रमुख भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा, ''नए भारत के निर्माण के लिए पूरे देश का संतुलित विकास आवश्यक है। हमने सुनिश्चित किया है कि सरकार भले ही एक जगह से काम करती हो लेकिन उसके कार्यों का लाभ देश के कोने-कोने तक पहुंचना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार के कार्यक्रमों का लाभ समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति ही नहीं, बल्कि देश के आखिरी छोर पर खड़े व्यक्ति को भी मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, एक तरफ हम गरीबों के घर, शौचालय, रसोई गैस, पीने का पानी, बिजली, मोबाइल, इंटनरनेट, सड़क, रेल कनेक्टिविटी जैसी बहुत ही मूल ज़रूरतों को पूरा कर रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ मेगा और आधुनिक परियोजनाओं पर भी तेज़ी से काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस अंडमान निकोबार द्वीप समुह ने भारत की आज़ादी के आंदोलन को ताकत दी उसकी आत्मनिर्भर भारत के लिए, नए भारत की रक्षा-सुरक्षा और समृद्धि के लिए भी व्यापक भूमिका है।

उन्होंने कहा, ''इसी को समझते हुए 2017 में ही द्वीप समूह विकास एजेंसी का गठन किया गया था। ब्लू इकॉनॉमी के लिहाज़ से, व्यापार के लिहाज से अंडमान और निकोबार रणनीतिक ठिकाने पर स्थित है। यह चेन्नई बंदरगाह, कोलकाता बंदरगाह और बांग्लादेश के मोंगला बंदरगाह सहित कई बंदरगाहों से बहुत बराबरी की दूरी पर स्थित है। उन्होंने कहा कि अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के 12 द्वीपों का चयन किया गया है जहां उच्च प्रभाव वाली परियोजनाओं का विस्तार किया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि चेन्नई और पोर्ट ब्लेयर के बीच समुद्र के भीतर बिछायी गई केबल संपर्क सुविधा (ओएफसी) से अंडमान निकोबार द्वीपसमूह में मोबाइल और लैंडलाइन दूरसंचार सेवाएं बेहतर होंगी। उन्होंने कहा, इंटरनेट कनेक्टिविटी में बहुत बड़ा सुधार हो जाएगा। नेटवर्क की समस्या की चर्चा बार-बार आती है उसका भी समाधान होगा। बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई-लिखाई सुविधा का ज्यादा से ज्यादा लाभ मिलना संभव हो पाएगा। पर्यटन और दूसरे कारोबार से जुड़े साथियों को भी देश और दुनिया से जुड़ने में अब कोई समस्या नहीं आएगी।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये दिल्ली से इस परियोजना का उद्घाटन करेंगे। समुद्र के भीतर बिछा यह केबल पोर्ट ब्लेयर, स्वराज दीप (हैवलॉक), लिटिल अंडमान, कार निकोबार, कामोरता, ग्रेट निकोबार, लांग आईलैंड और रंगट को भी जोड़ेगा। उन्होंने कहा, एक द्वीप से दूसरे द्वीप तक एयर कनेक्टिविटी में सुधार करते हुए देश के बाकी हिस्सों से इन द्वीपों को हवाई मार्ग से भी जोड़ा जा रहा है। पोर्ट ब्लेयर एयरपोर्ट का बड़े पैमाने पर विस्तार किया जा रहा है।

मोदी ने कहा कि 300 किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग पर काम चल रहा है और इससे द्वीप के कई हिस्सों में पहुंचना न सिर्फ आसान होगा, बल्कि अन्य गतिविधयों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे पहले की स्थिति, आज की स्थिति और होने वाले परिवर्तन का एक तुलनात्मक नजरिया लोगों के बीच रखें। उन्होंने कहा, पार्टी कार्यकर्ता के रूप में आपकी यह भी जिम्मेदारी है सरकार की हर योजना का लाभ हर लाभार्थी तक पहुंचे।

इससे पहले भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि संगठन के ऐसे आयोजनों में उनकी उपस्थिति से कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन के साथ एक नई ऊर्जा भी मिलती है। कोरोना महामारी संकट के दौरान भाजपा द्वारा किए गए सेवा कार्यों का विस्तार से उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, आपके प्रोत्साहन और कार्यकर्ताओं को दिए मार्गदर्शन के कारण हम कोरोना काल में एक बड़ी लड़ाई लड़ने में कामयाब हुए हैं।