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59 चीनी ऐप को बैन करने पर भारत के साथ खड़ा हुआ अमेरिका
July 2, 2020 • जयंती एक्सप्रेस • international

वॉशिंगटन  I चीनी ऐप की सफाई के लिए भारत ने जो तरीका अपनाया है वो देश की संप्रभुता को बढ़ाने का काम करेगी। इसके साथ ही भारत की अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा में भी इजाफा होगा। चीन से जुड़े 59 ऐप को भारत द्वारा प्रतिबंधित किए जाने के फैसले पर अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने बुधवार को (1 जुलाई) को यह बात कही।

उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हम कुछ मोबाइल ऐप पर भारत के प्रतिबंध का स्वागत करते हैं जो सीसीपी (चीनी कम्युनिस्ट पार्टी) के निगरानी राज्य में सहायक के रूप में कार्य करते हैं।

वहीं, भारत में टिकटॉक समेत 59 चीनी ऐप पर प्रतिबंध की चर्चा अमेरिका में भी हो रही है और कुछ सांसद इसका समर्थन कर रहे हैं। इन सांसदों ने अमेरिकी सरकार से इस पर विचार करने की अपील की है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि छोटे-छोटे वीडियो शेयर करने वाले ऐप किसी भी देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं।

गौरतलब है कि भारत ने सोमवार (29 जून) को 59 एप पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसमें बेहद लोकप्रिय टिकटॉक और यूसी ब्राउजर भी शामिल हैं। ये प्रतिबंध लद्दाख क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी सैनिकों के साथ मौजूदा तनावपूर्ण स्थितियों के बीच लगाए गए हैं। प्रतिबंधित सूची में वीचैट, बीगो लाइव, हैलो, लाइकी, कैम स्कैनर, वीगो वीडियो, एमआई वीडियो कॉल - शाओमी, एमआई कम्युनिटी, क्लैश ऑफ किंग्स के साथ ही ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म क्लब फैक्टरी और शीइन शामिल हैं।

आईटी मंत्रालय ने सोमवार (29 जून) को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा कि उसे विभिन्न स्रोतों से कई शिकायतें मिली हैं, जिनमें एंड्रॉयड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कुछ मोबाइल ऐप के दुरुपयोग के बारे में कई रिपोर्ट शामिल हैं। इन रिपोर्ट में कहा गया है कि ये एप उपयोगकर्ताओं के डेटा को चुराकर, उन्हें गुपचुक तरीके से भारत के बाहर स्थित सर्वर को भेजते हैं।

बयान में कहा गया, ''भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति शत्रुता रखने वाले तत्वों द्वारा इन आंकड़ों का संकलन, इसकी जांच-पड़ताल और प्रोफाइलिंग अंतत: भारत की संप्रभुता और अखंडता पर आधात होता है, यह बहुत अधिक चिंता का विषय है, जिसके खिलाफ आपातकालीन उपायों की जरूरत है।" सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आईटी कानून और नियमों की धारा 69ए के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए इन एप्स पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया।